तरह के होते हैं फैटी एसिड्स, जानिए दिल के लिए कौन-सा फायदेमंद

आयरन, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स के साथ-साथ शरीर के लिए फैटी एसिड यानि वसा भी जरूरी है। यह ऐसे जरूरी मैक्रोन्यूट्रीएंट्स है, जो हमारे शरीर में अलग-अलग काम करते हैं। फैटी एसिड कोशिका संरचना और झिल्ली के कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं लेकिन ये एक नहीं बल्कि 3 तरह के होते हैं।

चलिए आपको बताते हैं कौन-सा फैटी एसिड है शरीर के लिए जरूरी

पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड

इसे ओमेगा-3 और ओमेगा-6 नाम से ओमेगा-2 के नाम से भी जाना जाता है जो खराब कोलेस्ट्राल को कम करने में मदद करता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। यह शरीर को एनर्जी और कैलोरी भी देता है, जो वजन कंट्रोल करने में मददगार है। इसके अलावा यह फेफड़े, इम्यूनिटी, हड्डियां, मासंपेशियों व जोड़ों के को भी स्वस्थ रखता है।

मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड

मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड गुड़ कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ाने के साथ शरीर में विटामिन ई को भी सोखता है। साथ ही यह कोशिकाओं को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है, जिससे दिल हैल्दी रहता है। एवोकाडो, सुखे मेवे, बीज, जैतून तेल, कैनोला ऑयल, मूंगफली और तिल का तेल इससे भरपूर होता है।

सैचुरेटेड फैटी एसिड

मक्खन, पनीर, बेकरी उत्पाद, रेड मीट में पाया जाने वाला यह एसिड दिल को नुकसान पहुंचाता है। रोजाना या अधिक मात्रा में इसका सेवन बैड कोलेस्ट्राल को बढ़ावा देता है, जिससे खून के थक्के बनना, हार्ट अटैर व स्ट्रोक की संभावना रहती है।

ट्रांस वसा

ट्रांस वसा, प्राकृतिक और आर्टिफिशियल दोनों रूपों में होते हैं, जो कोरोनरी हार्ट डिसीज का खतरा बढ़ाते हैं। ऐसा ज्यादातर तभी होता है, जब आप तेल को बार-बार गर्म करके खाते हैं। इसके अलावा बेकरी प्रोडक्ट्स, कुकीज, केक , ऑयली फूड्स, जंक फूड में भी ट्रांस फैट होता है।

फैटी एसिड से होने वाले नुकसान

. अधिक मात्रा में फैटी एसिड लेने से जी मिचलाना, उल्टी होना, पेट में दर्द जैसी समस्या हो सकती है।
. इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और खून के थक्के भी बन सकते हैं।
. फैटी एसिड अधिक लेने से सीने में जलन और पेट फूलने जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है।
. ब्लड प्रेशर बढऩा जैसी परेशानी भी हो सकती है।
किसी भी एसिड को लेने से पहले एक बार सोचे और अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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