निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है जन्माष्टमी का पर्व: योगी

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर नागरिक को निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है। रिजर्व पुलिस लाइन्स में जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्री योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एकमात्र उत्सव है जिसे पुलिसकर्मी सामूहिक रूप से मनाते हैं। पुलिसकर्मियों के इस आयोजन में शामिल होकर जनता भी इस बात का अहसास करती है कि हम सब एक सशक्त धरोहर से जुड़े हुए हैं। जन्माष्टमी की पांच हजार वर्ष पुरानी विरासत हमें निष्काम कर्म की प्रेरणा देती है। उन्होने कहा “मैं स्वयं अभी मथुरा वृंदावन से यहां आ रहा हूं। मथुरा में लाखों श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साक्षी बन रहे हैं। ये उत्सव आजादी के अमृत महोत्सव में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने पांच हजार साल पहले इस धरा-धाम पर अवतरित होकर विश्व मानवता को निष्काम कर्म की प्रेरणा दी थी। गीता का उद्घोष, ‘कर्मणेवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ एक मंत्र बना, जिसने भी इस मंत्र को अंगीकार किया उसका उद्धार हुआ। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के उद्बोधन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पंच प्रण लेने के लिए कहा है, हमारा दायित्व है कि हमें भारत को दुनिया में विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। समाज का हर व्यक्ति अगर अपने दायित्वों का पालन करने लगे तो हमें भारत को दुनिया के सबसे बड़ी महाशक्ति बनने से कोई रोक नहीं सकता।


उन्होंने कहा कि आज सभी जिलों की पुलिस लाइन्स, पुलिस मुख्यालय, थानों और जेलों में उत्साह के साथ जन्माष्टमी मनायी जा रही है। इसी के साथ हम एक नये संकल्प के साथ भी जुड़ रहे हैं कि आजादी के इस अमृत काल का उपयोग हम भारत को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद, बेसिक शिक्षा विभाग मंत्री संदीप सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, राज्यसभा सांसद बृजलाल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, डीजीपी डी एस चौहान के साथ तमाम गणमान्य लोग, पुलिसकर्मी और उनके परिजन मौजूद रहे।

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