परिवार की खातिर अखिलेश कार्यकर्ताओं को भूले: भूपेंद्र चौधरी

लखनऊ।  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सोमवार को कहा कि परिवारवाद और वंशवाद समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की असली पहचान है और उनका समाजवाद से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है। श्री चौधरी ने कहा कि परिवारवाद अखिलेश पर इस कदर हावी है कि वे अपने कार्यकर्ताओं को भूल गये हैं। इसकी झलक भतीजे तेज प्रताप यादव को कन्नौज से, पत्नी डिंपल यादव को मैनपुरी से ,भाई धमेंद्र यादव को आजमगढ़ से और चाचा शिवपाल को पहले बदायूं से टिकट दिया बाद में चचेरे भाई आदित्य यादव टिकट दिया गया। सपा अध्यक्ष के इस अंदाज से कार्यकर्ताओं में काफी निराशा और हताशा है।

उन्होने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को अपना परिवार मानते हैं। उनकी यह सोच मोदी सरकार की कल्याणकारियों योजनाओं में साफ देखी जा सकती है। यही वजह है कि देश की जनता इस बार 400 पार को आत्मसात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प कर चुकी है। श्री चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव व उनके इंडी पार्टनर्स वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टीकरण पर आमादा है। इनका इतिहास ही एक वर्ग विशेष को खुश करने का है। इनका मेनिफेस्टो भी इसी से प्रेरित है। देश और प्रदेश की जनता इनके झांसे में नहीं आने वाली है। वह मोदी के नेतृत्व में सबका साथ और सबका विकास की नीति को पसंद करती है। वह इनके तुष्टीकरण के जाल में फंसने वाली नहीं है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब अखिलेश यादव अपनी पार्टी ही नहीं संभाल पा रहे हैं तो वह प्रदेश की जनता की भलाई के लिए क्या कदम उठाएंगे। अखिलेश यादव परिवार में इस कदर डूब गये हैं कि अपने कार्यकर्ताओं का टिकट काट कर अपने परिवार को बांट रहे हैं। इतना ही नहीं वह रैली भी उनके लिये ही कर रहे हैं।

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