ईरान को हो रहा भारी नुकसान, वार्ता के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मौजूदा संघर्ष में ईरान को “भारी नुकसान” हो रहा है और वह बुरी तरह हार रहा है। श्री ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय प्रत्यक्ष वार्ता शुरू हुयी है। इससे पहले यह चर्चा पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से हो रही थी, लेकिन अब अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच सीधी भागीदारी शुरू होने की जानकारी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट में श्री ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्टों की तीखी आलोचना की जिनमें ईरान की स्थिति को मजबूत बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया यह कहना पसंद करता है कि ईरान “जीत रहा है”, जबकि वास्तविकता यह है कि उसकी सैन्य क्षमताएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।
उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना खत्म हो चुकी है, उनका एंटी-एयरक्राफ्ट तंत्र और रडार अब अस्तित्व में नहीं हैं। साथ ही, ईरान की मिसाइल और ड्रोन फैक्ट्रियों के साथ-साथ उनके पुराने नेता भी अब नहीं रहे। श्री ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया भर के देशों चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और जर्मनी के लिए एक ‘एहसान’ के तौर पर इस रास्ते को साफ कर रहा है। उन्होंने इन देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें यह काम खुद करने का साहस या इच्छाशक्ति नहीं है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका “ईरान में स्वतंत्रता की लड़ाई” के दौरान उर्वरकों की कीमतों पर पैनी नजर रख रहा है और किसी भी प्रकार की मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि घरेलू स्तर पर गैस की ऊंची कीमतों और ईरान के साथ युद्ध के बीच, अब दुनिया भर के खाली तेल टैंकर अमेरिका से तेल भरने के लिए यहाँ का रुख कर रहे हैं।
