आधार ऐप के ज़रिए 49 लाख लोगों ने बदला मोबाइल नंबर

नयी दिल्ली। देश में आधार ऐप का इस्तेमाल निरंतर बढ रहा है और इसने 4 करोड़ डाउनलोड का एक अहम पड़ाव पार कर लिया है जो सुविधाजनक और ‘डिजिटल-फर्स्ट’ पहचान सेवाओं में लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। इस ऐप के जरिये 11.65 लाख पतों में संशोधन किया गया है और 49 लाख लोगों ने मोबाइल नम्बर बदले हैं। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि आधार ऐप आधार से जुड़ी कई सेवाओं के लिए ‘एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म’ बन गया है। इन सेवाओं में घर बैठे पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट करना, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और ई-आधार डाउनलोड करना शामिल है। मंत्रालय ने बताया कि आधार ऐप शुरू होने के बाद से इसके जरिये 11.65 लाख पते अपडेट किए गए हैं, जिससे लोग आधार केंद्र जाए बिना आसानी से अपनी आधार जानकारी अद्यतन कर पाते हैं। इस ऐप के माध्यम से लगभग 49 लाख मोबाइल नंबर भी अपडेट किए गए हैं, जिससे लोगों को अपने आधार से जुड़ी सही जानकारी बनाए रखने में मदद मिली है।
एक जुलाई को ईमेल अद्यतन करने का फ़ीचर शुरू होने के बाद से आधार ऐप के ज़रिए लगभग 12.5 लाख ईमेल पते जोड़े या अद्यतन किए गए हैं, जिससे लोगों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के बीच संपर्क और बेहतर हुआ है। पहले इस फ़ीचर की कीमत 75 रुपये थी, लेकिन अब आधार ऐप पर इसे 31 दिसंबर 2026 तक मुफ़्त कर दिया गया है। ऐप के प्राइवेसी और सिक्योरिटी फ़ीचर्स का भी लोगों ने खूब इस्तेमाल किया है। लोगों ने बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा का इस्तेमाल 1.91 करोड़ से ज़्यादा बार किया है। यह फ़ीचर आधार नंबर रखने वालों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर ज़्यादा नियंत्रण देता है। वे ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं, जिससे कुछ ही टैप में अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। आधार ऐप को इस तरह से बनाया गया है कि आधार नंबर रखने वाले अपनी पहचान दिखाने, साझा करने और सत्यापन के लिए एक सुविधाजनक और ‘प्राइवेसी-फ़र्स्ट’ तरीका अपना सकें। यह ‘विकसित भारत’ के लिए ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के तहत लोगों के जीवन को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
