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बंगलादेश संसदीय चुनाव में रहमान की अगुवाई में बीएनपी ने निर्णायक जीत दर्ज की

ढाका।  बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने निर्वासन से लौटे श्री तारिक रहमान की अगुवाई में संसदीय चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। नवीनतम गणना के अनुसार, पार्टी ने चुनाव लड़ी गयी 299 सीटों में से लगभग 210 सीटों पर जीत दर्ज की है। मुख्य प्रतिद्वंद्वी बंगलादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया है। परिणाम घोषित होने के बाद जारी एक बयान में जमात-ए-इस्लामी ने कहा कि वह ‘चुनाव परिणामों से जुड़ी प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है। जमात ने दावा किया कि उसके 11-दलीय चुनावी गठबंधन के उम्मीदवार कई निर्वाचन क्षेत्रों में ‘बेहद कम अंतर और संदिग्ध तरीके से’ हार गए। इसने मतदान के आंकड़े प्रकाशित करने में चुनाव आयोग की ‘अनिच्छा’ की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि अंतरिम प्रशासन के भीतर कुछ तत्वों ने एक प्रमुख राजनीतिक दल के प्रति पक्षपात दिखाया है।

पार्टी ने बयान में कहा “यह सब निस्संदेह परिणाम प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर सवाल उठाता है। ढाका के अधिकारियों के अनुसार, लगभग 61 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने चुनाव में भाग लिया और 65 प्रतिशत से अधिक ने जनमत संग्रह में मतदान किया। बीएनपी के प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका-17 सीट पर 72,699 मत प्राप्त किये और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 4,399 मतों के अंतर से हराया। उन्हें बोगरा-6 से भी अनौपचारिक रूप से निर्वाचित घोषित किया गया, जहाँ उन्होंने 216,284 मत हासिल किए। गुरुवार को हुआ यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद बंगलादेश का पहला राष्ट्रीय चुनाव था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीएनपी ने 210 सीटें हासिल कीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों ने 73 सीटें जीतीं और निर्दलीयों ने आठ सीटों पर कब्जा किया। 300 सदस्यीय संसद में साधारण बहुमत के लिए 151 सीटों की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बंगलादेश के संसदीय चुनावों में ‘निर्णायक जीत’ हासिल करने पर बधाई दी और एक लोकतांत्रिक तथा प्रगतिशील पड़ोसी का समर्थन करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, “यह जीत आपके नेतृत्व में बंगलादेश की जनता के भरोसे को दर्शाती है।” उन्होंने बंगलादेश की लोकतांत्रिक यात्रा के लिए भारत के निरंतर समर्थन पर जोर देते हुए कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बंगलादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। श्री मोदी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के प्रति भी आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूँ।

भारत और बंगलादेश गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध साझा करते हैं, जिनमें व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, जल संसाधन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। पिछले दशक में, दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी विस्तार हुआ है, विशेष रूप से सीमा पार बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की पहल में। बीएनपी ने 1990 के दशक से देश के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान अब पार्टी की चुनावी जीत के बाद नयी भूमिका निभाने जा रहे हैं, जो बंगलादेश की घरेलू राजनीति में एक नये चरण की शुरुआत है। विशेषज्ञों का कहना है कि संसदीय चुनावों के परिणाम भारत-बंगलादेश संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं, खासकर व्यापार एकीकरण, सीमा प्रबंधन और बहुपक्षीय ढांचे के तहत क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में। इन चुनावों में ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर भी एक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की सीमा, उच्च सदन के निर्माण और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ‘केयरटेकर’ प्रणाली की बहाली जैसे मुद्दों को संबोधित किया गया था।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बंगलादेश के संसदीय चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने पर बीएनपी और उसके नेता तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने 299 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावों के सुचारू संचालन के लिए बंगलादेश की जनता की भी सराहना की। राष्ट्रपति जरदारी ने बंगलादेश की संप्रभुता और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के लिए पाकिस्तान के समर्थन को दोहराया और व्यापार, रक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय जुड़ाव में सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद जताई। उन्होंने बंगलादेश की निरंतर स्थिरता, प्रगति और समृद्धि की कामना की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी तारिक रहमान और बंगलादेश की जनता को बधाई दी और ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए नए नेतृत्व के साथ काम करने की उत्सुकता व्यक्त की।