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सरकार की प्रतिबद्धता: स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा

नयी दिल्ली।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार घरेलू खपत और निर्यात को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता बढ़ाने को प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को हासिल करने में भारतीय राजनयिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारतीय विदेश सेवा 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को यहां साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमता को घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों के लिए बढाने के सरकार के संकल्प को दोहराया तथा इसे पूरा करने में भारतीय राजनयिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। रक्षा क्षेत्र में विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के समावेशन के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बड़े रक्षा आयातक से आगे बढ़कर सभी क्षेत्रों में रक्षा प्लेटफॉर्म का निर्माता और निर्यातक बन चुका है। श्री सिंह ने कहा कि विश्व समुदाय भारत की विकास यात्रा पर करीबी नजर रख रहा है और उसकी नेतृत्वकारी भूमिका की अपेक्षा कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए देश की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उन्हें बताया कि विदेश में दायित्व निभाते समय उन्हें सदैव यह स्मरण रखना चाहिए कि वे 1.4 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने उन्हें नई विचारधाराओं, लोगों और विभिन्न संस्कृतियों के दृष्टिकोणों के प्रति खुले मन से रहने तथा भारत की सभ्यतागत ज्ञान-परंपरा के मूल्यों को साथ लेकर चलने का आग्रह किया। साथ ही, प्रतिष्ठित विदेश सेवा में चयन के लिए उन्हें बधाई दी। इस संवाद से पूर्व प्रशिक्षु अधिकारियों को रक्षा कूटनीति की विभिन्न पहलों, रक्षा बजट, त्रि-सेवा एकीकरण तथा रक्षा अधिग्रहण संबंधी विषयों पर रक्षा मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई। इस बैच में कुल 55 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल थे, जिनमें 53 भारतीय प्रशिक्षु और 2 भूटान के प्रशिक्षु अधिकारी थे।