अंतरराष्ट्रीय समाचारटॉप-न्यूज़राज्यराष्ट्रीय

अमेरिका में टैक्स पेयर्स के धन से तैयार ट्रंप के विज्ञापन दिखाने पर रोक

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। देश में हो रहे मध्यवाधि चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन को कानूनी झटका लगा है। डिस्ट्रिक्ट जज जेनिफर एल रोचोन ने रविवार को राष्ट्रपति के राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स पेयर्स के लाखों डॉलर से बने टीवी विज्ञापनों को रद्द करने का आदेश दिया। रोचोन ने एक अस्थायी रोक का आदेश जारी किया। इसमें ट्रंप प्रशासन को बचे हुए सभी विज्ञापनों को रद्द करने का निर्देश दिया गया। एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, आदेश में कहा गया कि प्रशासन तुरंत उन विज्ञापनों को रोक दे जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप दिख रहे हैं। यह फैसला नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से कुछ सप्ताह पहले आया है। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के टैक्स पेयर्स के पैसे के इस्तेमाल को चुनौती देने वाले कई मुकदमे कोर्ट विचाराधीन हैं।

यह फैसला वाशिंगटन वॉच डॉग ‘कॉमन कॉज़’ और गैरलाभकारी संस्था ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड’ व अन्य की याचिका पर आया है। ऐसा ही मुकदमा डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने वाशिंगटन की संघीय अदालत में दायर किया है। न्यूयॉर्क अदालत के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने कहा कि इन विज्ञापनों में जनसेवा की भावना झलकती है। इनका मकसद कल्याणकारी योजनाओं की सूचना देना है। पूर्व में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक प्रशासन ने भी सरकारी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए टैक्सपेयर्स के पैसे से विज्ञापनों का इस्तेमाल किया है। हालांकि मुकदमा दायर होने के बाद ट्रंप ने विज्ञापनों का खर्च खुद वहन का वादा किया। व्हाइट हाउस ने कहा कि विज्ञापनों पर खर्च जा चुके लाखों डॉलर सरकार को वापस करने की कोई योजना नहीं है। न्यूयॉर्क की अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस से मिली मंजूरी से ज्यादा खर्च कर प्रचार-प्रसार से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया। डेमोक्रेसी फॉरवर्ड ने फैसले पर खुशी जताई है। बताया गया है कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने इन विज्ञापनों के लिए टैक्सपेयर्स के पैसे से 20 मिलियन डॉलर आवंटित किए थे। विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया गया पैसा उस 175 मिलियन डॉलर के पैकेज से आया था जिसे कांग्रेस ने ट्रंप के इमिग्रेशन (प्रवास) लागू करने के एजेंडे के तहत विभाग को आवंटित किया था।