रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्तावेज

नई दिल्ली,
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर अपने फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान जहां रक्षा मंत्रालय से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें चोरी होने की बात उठी, वहीं एफ-16 फाइटर जेट का भी जिक्र हुआ। इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख सुप्रीम कोर्ट ने 14 मार्च तय की है। पाकिस्तान द्वारा 27 फरवरी को एफ-16 विमानों से भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की नाकाम कोशिश का जिक्र करते हुए अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि एफ-16 से मुकाबले के लिए राफेल जरूरी है।
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि एफ-16 उन्नत किस्म का जहाज है तो क्या हमें उससे बेहतर जहाज नहीं चाहिए। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि मिग ने अच्छा काम किया है, जो 1960 का बना है। एजी ने कहा कि मामले में सीबीआई जांच से राफेल को लेकर डील को नुकसान होगा और देशहित में यह ठीक नहीं है।
कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है। अब सिर्फ एक समीक्षा याचिका बची है जिसे यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दायर की है। इससे पहले, अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि राफेल से जुड़े रक्षा मंत्रालय से कुछ फाइलें चोरी हुईं हैं। इस पर कोर्ट ने एजी से कहा कि इस मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की, यह भोजनावकाश के बाद बताएं। भोजनाकवाश के बाद दोपहर 2 बजे जब सुनवाई फिर शुरू हुई तो सुप्रीम कोर्ट आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, बेंच ने आप सांसद द्वारा कोर्ट पर की गईं अपमानजनक टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया।

संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसले के बारे में उनके द्वारा दिए गए बयान बहुत ही अपमानजनक हैं। कोर्ट ने कहा कि वह रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई पूरी होने के बाद अपमानजनक बयानों के लिए संजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करेगा लेकिन उससे पहले सिंह को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया कि जिन दस्तावेजों पर ऐडवोकेट प्रशांत भूषण भरोसा कर रहे हैं, वे रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि राफेल डील से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने वाला सरकारी गोपनीयता कानून के तहत और अदालत की अवमानना का दोषी है। इस पर चीफ जस्टिस ने अटॉर्नी जनरल से कहा कि वह भोजनावकाश के बाद यह बताएं कि राफेल डील से जुड़े दस्तावेजों के चोरी होने पर क्या कार्रवाई की गई?

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल द्वारा ऑफिशल सेक्रेट ऐक्ट का हवाला देने पर बेंच ने पूछा, अगर राफेल डील में कोई भ्रष्टाचार हुआ हो तो क्या तब भी सरकार ऑफिशल सेक्रेट ऐक्ट की आड़ ले सकती है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि कोई भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन मान लीजिए कि अगर ऐसा हुआ हो तो सरकार ऑफिशल सेक्रेट ऐक्ट की आड़ नहीं ले सकती। अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि जिन लोगों ने रक्षा दस्तावेजों को प्रकाशित किया, उन्हें कोर्ट को यह बताना चाहिए कि उन्हें ये दस्तावेज कहां से मिले थे। अटॉर्नी जनरल ने राफेल पर पुनर्विचार याचिका और गलत बयानी संबधी आवेदन खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा कि ये चोरी किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि राफेल पर ‘द हिंदू’ की आज की रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को प्रभावित करने के समान है जो अपने आप में अदालत की अवमानना है। सुनवाई शुरू होने पर प्रशांत भूषण ने  कहा, आपने अपने आदेश में कोर्ट की निगरानी में जांच की मेरी मांग पर सुनवाई ही नहीं की। हमने सीबीआई के सामने शिकायत की थी, आपने सीबीआई से रिपोर्ट तक नहीं मांगी। जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को नया दस्तावेज देने की कोशिश की, तब कोर्ट ने साफ कहा, हम किसी भी नए दस्तावेज पर सुनवाई नहीं करेंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रशांत भूषण को सुनने का यह अर्थ नहीं है कि  राफेल डील के दस्तावेजों को रिकॉर्ड में ले रहा है।