माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या

बागपत जेल के अंदर हत्या से प्रशासन पर उठे सवाल, जेलर-डिप्टी जेलर सहित चार निलंबित, जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश में सोमवार को बागपत जिले की जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद जेल प्रशासन से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। इस हत्या के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बागपत जिला जेल के जेलर, डिप्टी जेलर सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे पश्चिमी उप्र और उत्तराखंड में सक्रिय सुनील राठी गैंग का हाथ बताया जा रहा है। सुनील राठी यूपी के साथ उत्तराखंड में सक्रिय है। सुनील की मां राजबाला छपरौली से बसपा से चुनाव लड़ चुकी है।
माफिया मुन्ना बजरंगी को बागपत अदालत में पेश करने के लिए पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को एंबुलेंस से भेजा गया था। पिछले साल मुन्ना बजरंगी पर एक पूर्व विधायक और उसके भाई को धमकाने का आरोप है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होनी थी। पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। बागपत की कोतवाली में मामला दर्ज हुआ था। पुलिस की छानबीन में लखनऊ के सुल्तान अली और झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था।
इस बीच योगी आदित्यनाथ ने कहा, जेल में हत्या कैसे हो गई। इसकी जांच कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नही जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट मंगाई गई है।

मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने 10 दिन पहले ही प्रेस वार्ता कर बजरंगी की हत्या की आशंका जताई थी

सीमा ने कहा था कि झांसी जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी का एनकाउंटर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। एसटीएफ में तैनात एक अधिकारी के इशारे पर ऐसा हो रहा है। इस अफसर के कहने पर ही जेल में बजरंगी को खाने में जहर देने की कोशिश तक की गई। इसके अलावा उन्होंने ढाई साल पहले विकासनगर में पुष्पजीत सिंह व गोमतीनगर में हुए तारिक हत्याकांड में शामिल शूटरों को सत्ता व पुलिस अधिकारियों का संरक्षण मिलने का आरोप भी मढ़ा था।

कोर्ट के आदेश पर एम्स के डॉक्टरों का पैनल बजरंगी के स्वास्थ्य की जांच करता है।

बजरंगी के साले व वकील विकास श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्टी एसपी अभिषेक झांसी जेल गए थे। उनके साथ डॉक्टर थे जिन्होंने मुन्ना बजरंगी के स्वस्थ्य होने का सर्टिफिकेट जारी किया। विकास के मुताबिक बजरंगी का एनकाउंटर करने के लिए उन्हें जेल से जबरन बाहर निकालने की कोशिश तक की गई।
मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में हुआ था। उसके पिता पारसनाथ सिंह उसे पढ़ा लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना संजोए थे। मगर प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी ने उनके अरमानों को कुचल दिया। उसने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद जुर्म की दुनिया में कदम रख दिया।


डीआईजी आगरा जेल करेंगे घटना की जांच
लखनऊ। बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जेल परिसर में हत्या के बाद हड़कंप मच गया। घटना के बाद लखनऊ में गृह विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राज्य के पुलिस उपमहानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीन कुमार ने बताया कि मुन्ना बजरंगी मर्डर केस की जांच आगरा जेल के डीआईजी को सौंपी गई है। इस मामले में जेल बागपत जेल प्रशासन ने आरोपी सुनील राठी के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। जेल में मौजूद चश्मदीदों के आधार पर सुनील ने ही मुन्ना बजरंगी को गोली मारी है। मौके से 10 कारतूस बरामद किए गए है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। 24 घंटे बाद कुछ तथ्य निकलकर सामने आ पाएगा। मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने कहा कि सुबह 6 बजे बागपत जेल के अंदर झगड़े के दौरान मुन्ना बजरंगी को गोली मारी गई। गोली सुनील राठी ने मारी है। इसके बाद उसने हथियार को गटर में फेंक दिया। एडीजी जेल ने कहा कि ये घटना जेल की सुरक्षा में गंभीर चूक है। मामले में जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, हेड वार्डन अरजिन्दर सिंह, वार्डन माधव कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पूरी घटना की न्यायिक जांच होगी। वहीं पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग में होगा। उन्होंने कहा कि मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम एनएचआरसी के दिशा-निर्देशों के आधार पर भी किया जाएगा। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए टीमें पहुंच चुकी हैं। दरअसल सोमवार को मुन्ना बजरंगी की पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी। उसे रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था। पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। 7 लाख का इनामी बदमाश रह चुका सुपारी किलर मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से हड़कंप मचा है। उधर घटना के फौरन बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, जेल में हुई हत्या बहुत गंभीर मामला है। मामले की गहराई से जांच होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


भगवान ने किया इंसाफः अलका राय

लखनऊ/गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सोमवार सुबह माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद दिवंगत भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से भाजपा की वर्तमान विधायक अलका राय ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लंबे अर्से बाद उन्हें न्याय मिला है। अलका राय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, इस घटना के बारे में टीवी से पता चला लेकिन जानकर खुशी हुई। भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है। गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की सोमवार को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार को उसकी पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी। उसे रविवार को झांसी से बागपत जेल लाया गया था। पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई। अलका राय ने कहा कि हम लोगों के परिवार के ऊपर हमेशा भय बना रहता था। मैं अपने लिए नही डरती थी लेकिन बच्चों को लेकर डर बना रहता था।

‘बाहुबली धनंजय सिंह ने कराई मेरे पति की हत्या’

लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बागपत जिला जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप जहां बागपत जेल में ही बंद गैंगस्टर सुनील राठी पर लग रहा है, वहीं अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस नए मोड़ की वजह है, खुद मुन्ना बजरंगी की पत्नी की पुलिस को दी गई तहरीर। इस तहरीर में मुन्ना की पत्नी सीमा सिंह ने जौनपुर के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह और प्रदीप सिंह पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। बागपत जेल में हुई मेरे पति की हत्या साल 2016 में हुए पुष्पांजलि सिंह डबल मर्डर और साल 2017 में हुए तारिक हत्याकांड की पुनरावृत्ति लग रही है। जिसे जौनपुर के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह, मुन्ना बजरंगी के पूर्व सहयोगी प्रदीप सिंह, प्रदीप के पिता रिटायर्ड डीएसपी जीएस सिंह और उनके सहयोगी राजा ने अंजाम दिया है। मुन्ना की पत्नी ने आगे लिखा, इन्हीं लोगों ने अपने राजनीतिक सहयोगियों से मिली-भगत कर मेरे पति को मौत के घाट उतार दिया है। इन तथ्यों को विवेचना में शामिल करें। मुन्ना बजरंगी के परिजनों ने पहले ही आशंका जताई थी कि बागपत जेल में उनकी हत्या हो सकती है।

29 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने कहा था कि जेल में उनके पति की जान को खतरा है। कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों का बगैर नाम लिए सीमा सिंह ने कहा था कि साजिश रचकर कई बार उनके पति को जेल में ही जान से मारने का प्रयास किया जा चुका है। इस संबंध में सीमा सिंह ने पुलिस के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में भी शिकायत की थी।