उत्तर प्रदेश पुलिस के पास नौ संस्थान, 31 स्थायी प्रशिक्षण केन्द्र , 53 अस्थायी प्रशिक्षण केन्द्र है: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के पास नौ संस्थान है तथा 31 स्थायी प्रशिक्षण केन्द्र हैं परन्तु प्रशिक्षुओं की संख्या को देखते हुए 53 अस्थायी प्रशिक्षण केन्द्रों में भी प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के 11 संस्थानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के 3 संस्थानों में भी प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इस तरह कुल 99 केन्द्रों पर प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण हेतु बनाये गये पाठ्यक्रम में संशोधन किये गये है, जिससे प्रशिक्षुओं की कार्यशैली में, उनके आचरण एवं योगदान में गुणवत्ता आयेगी। साथ ही, वे कानून के अच्छे जानकार पुलिस जन के रूप में जनता को राहत दिलाने में मददगार होंगे।

आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार शासन-प्रशासन के बीच अच्छा संवाद स्थापित करने में सफल रही है, जिसके परिणाम स्वरूप आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। प्रदेश में बेहतर मौहाल के कारण ही बड़े पैमाने पर निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश स्थापित करना चाहते हैं, जिससे आने वाले समय में काफी लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समय के साथ अपराध की प्रकृति में परिवर्तन आया है। इसलिए पुलिस बल को जनसामान्य के हितों, मीडिया खासतौर से सोशल मीडिया के प्रति और अधिक सचेत तथा संवेदनशील होने की जरूरत है। साइबर क्राइम सहित अपराधियों के आधुनिक तौर-तरीकों के प्रति भी जागरूक रहना होगा। पुलिस की कार्यप्रणाली और व्यवहार से ही उसकी छवि स्थापित होती है। जनता की जरूरतों और समस्याओं से परिचित होकर उनका प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हए कहा कि पुलिस महानिदेशक श्री ओ0पी0 सिंह ने कहा कि ये आरक्षी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण श्री गोपाल गुप्ता सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।